इश्क़, ज्ञान, दर्शन के साथ ही समसामयिक समस्याओं का बख़ूबी चित्रांकन करती डॉ. भव्य सोनी की किताब ‘चाँद की जानिब’ एक मुकम्मल किताब है। वर्तमान शिक्षा-व्यवस्था, पारिवारिक विघटन, किसानों का दर्द और उनकी बिगड़ी स्थिति, भ्रष्ट राजनीति, मज़दूरी, चमचागिरी, भूख, ग़रीबी, बालमज़दूरी आदि का गहराई से चिंतन करने वाले भव्य की यह किबात मानवीय जीवन के सर्वांगीण विकास एवं समझ को मज़बूत बनाने में भी अत्यंत उपयोगी है। कहते हैं कि ज्ञाननिष्ठ, सुतप्त संत ही इस संसार का शोभा-वर्धक एवं मार्गदर्शक होता है। इस नज़रिये से देखें तो परोपकार, मैत्री-भाव, सामंजस्य, प्रकृति संरक्षण आदि विषयों पर कवि की मज़बूत पकड़ दिखाई देती है।